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राम मंदिर निर्माण को लेकर वीएचपी की बैठक, चुनावी लाभ की कोशिश?

Published on October 05 2018 01:16 pm  |  Author: हितेश कुमार

अयोध्या में राम मंदिर बनाने के मुद्दे पर इन दिनों देश की सियासत खूब गर्म है। भाजपा के एजेंडे में शामिल राम मंदिर को सत्ता में आने के बाद कोई तवज्जो नहीं दिया गया। उधर, कांग्रेस भी रामलला के नाम पर राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। कांग्रेसी कई बार अपने बयान में कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर का ताला खुलवाने में कांग्रेस ने अहम भूमिका निभाई थी। विश्व हिंदू परिषद की आज दिल्ली में होने वाली बैठक में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जा सकता है। विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले देशभर के साधु संत इस बैठक में उपस्थित होकर राम मंदिर का निर्माण कैसे कराया जाए, इस पर गहन मंथन करेंगे।

सत्ता में आने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरी भाजपा ने  अपने घोषणापत्र में देश की जनता से वादा करते हुए कहा था कि अयोध्या में जहां रामलला का जन्म हुआ था, उसी स्थान पर राम मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। सत्ता में आने के बाद इस घोषणा को सुप्रीम कोर्ट के हवाले बता कर को ठंढ़े बस्ते में डाल दिया। कई बार साधु संतों ने धरना प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी भी सरकार को दिया। परंतु सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगे। अब कई राज्यों में होने वाले विधानसभा और इसके ठीक बाद लोकसभा के आम चुनाव 2019 के मद्देनजर रखते हुए भाजपा का यह चुनावी एजेंडा स्पष्ट रूप से चुनावी फायदे के लिए काम करता नजर आ रहा है। आज विश्व हिंदू परिषद की होने वाली बैठक में राम मंदिर का निर्माण कैसे कराया जाए यह भी भाजपा का ही चुनावी गणित बताया जा रहा है।

राजनीति के एक्सपर्ट माने जाने वाले विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव नजदीक होने की वजह से भाजपा फिर से हिंदुत्व के सहारे अपना जनाधार बटोरने में जुटी है। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने मोदी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता को नरेंद्र मोदी की सरकार बरगलाने का काम कर रही है। पिछले दिनों पटना के कार्यक्रम में पहुंचे प्रवीण तोगड़िया ने स्पष्ट करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने जो भी वादे देश की जनता से किया था, उसे पूरा करने में नाकाम रहे हैं। साथ ही साथ, हिंदुत्व के मुद्दे पर पूछे जाने पर तोगड़िया ने कहा कि यह मुद्दा मोदी सरकार के एजेंडे में शामिल नहीं है। उन्होंने भी कहा था कि यदि राम मंदिर का निर्माण का कार्य 2019 के पूर्व नहीं हुआ तो मोदी सरकार को इसका खामियाजा आने वाले चुनाव में भुगतना होगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या चुनावी मुद्दों के तौर पर अब तक इस्तेमाल किए गए रामलला के लिए मंदिर का निर्माण कराया जाएगा या चुनावी घोषणा और चुनावी मुद्दा बनाकर ही रामलला को रखा जाएगा।

उधर, बीएचपी की बैठक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता भाई बिजेंद्र ने कहा है कि चुनावी मौसम के कारण इस तरह के एजेंडे से जनता को मुख्य मुद्दा से भटकाने का काम किया जा रहा है। कई बार राम मंदिर के नाम पर सत्ता में आई भाजपा ने रामलला के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि देश की जनता आने वाले चुनाव में रामलला के नाम पर वोट मांगने वाली पार्टी को सत्ता से कान पकड़ कर हटाने का काम करेगी।

भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय में लंबित होने और सरकार सर्वोच्च न्यायालय को सम्मान करती है इसलिए इस मुद्दे को फैसले के बाद ही हल किया जा सकता है। उन्होंने विगत दिनों सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर कहा कि, राम मंदिर के निर्माण के लगभग सारी बाधाएं दूर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जैसा कि सर्वोच्च न्यायालय ने नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद की बाध्यता को समाप्त कर दिया है। उसके बाद रामलला के मंदिर का निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आगे कहा कि जिस जगह पर लंबे अरसे से नमाज नहीं पढ़ा गया है वह स्थान पवित्र नहीं होता है। साथ ही साथ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को भी दो जाते हुए प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि तीन हिस्सों में बांटी गई जमीन को वक्फ बोर्ड ने रामलला को सौंप दिया है। इसके बाद कोई विवाद नहीं है। प्रेम रंजन पटेल ने यह भी कहा कि आगामी 29 अक्टूबर से सर्वोच्च न्यायालय में होने वाले अंतिम सुनवाई के बाद आदेश जारी होते ही राम मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। 

कांग्रेस के बिहार प्रदेश के प्रवक्ता सरोज तिवारी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की दिल्ली में होने वाली बैठक को रामलला के नाम पर राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार रामलला के नाम पर सत्ता में आई, लेकिन नहीं कोई अध्यादेश और नही कोई विधेयक लाकर रामलला के मंदिर का निर्माण के लिए कदम बढ़ाया। जनता सब कुछ भाप चुकी है और आने वाले चुनाव में भाजपा को सबक सिखाने का काम करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट करते हुए कहा है कि भाजपा को आने वाले चुनाव में ऐसी दुर्दशा होगी की इतिहास में कभी नहीं हुआ होगा।

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में हर बार रामलला को शामिल किया जाता है। साल 2014 के लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र में भी भाजपा ने राम मंदिर बनाने का जनता से वादा किया था। साथ ही साथ, धारा 370 और कॉमन सिविल कोड सहित हिंदुत्व के कई एजेंडों के सहारे भाजपा ने लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल किया था।

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About हितेश कुमार
हितेश कुमार इंडिया-पॉलिटिक्स में बतौर फ्रीलांसर कार्यरत है। ये पौथु (बिहार) के रहने वाले है। हितेश पत्रकारिता में अभिरुचि होने के कारण विभिन्न विषयों पर अपने विचार लिखने की काबिलियत रखते है। इन्होने पत्रकारिता के क्षेत्र में एम.ए. की डिग्री प्राप्त कर, विभिन्न मीडिया हाउस में कार्य किया है। Email- hiteshkumarminku@gmail.com

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