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राम मंदिर निर्माण को लेकर शिवसेना आर-पार के मूड में, "पहले मंदिर फिर सरकार"

Published on November 19 2018 12:15 pm  |  Author: हितेश कुमार

आगामी 24 और 25 नवंबर को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के होने वाले अयोध्या दौरे को लेकर शिवसेना तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। दौरे को लेकर शिवसेना द्वारा ताबड़तोड़ बैठकें आयोजित कर तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है। इस बीच अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर हो रही राजनीति को शिवसेना लगातार हवा देने में जुटी है। समय-समय पर शिवसेना द्वारा मंदिर निर्माण को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला भी किया गया। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने देश की जनता को एक नारा देते हुए मंदिर निर्माण की मांग की है। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि "हर हिंदू की यही पुकार, पहले मंदिर फिर सरकार" के नारा के तहत केंद्र सरकार से अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग दोहराया है। 

शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा है कि केंद्र की एनडीए सरकार यदि तीन तलाक के मुद्दे पर अध्यादेश ला सकती है, तो अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण पर क्यों नहीं? उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा राम मंदिर के निर्माण के लिए इच्छुक नहीं है। भाजपा रामलला को केवल राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करना चाहती है। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण को देश का गौरव बताते हुए कहा कि राम मंदिर से जुड़े बाधाओं को दूर करने के लिए सरकार अध्यादेश का रास्ता क्यों नहीं चुन रही है? उद्धव ठाकरे का यह बयान 24 नवंबर को प्रस्तावित अयोध्या यात्रा के मुद्दे पर दिया गया है। मंदिर के निर्माण में विफल केंद्र सरकार को हटाने की अपील करते हुए ठाकरे ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मदद से 2014 में बनी सरकार को मंदिर निर्माण करने में असफल होने के कारण हटा देना चाहिए।

एक साक्षात्कार में केंद्र सरकार पर बिना नाम लिए हमला बोलते हुए शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि "हमने चुनाव में कभी राम मंदिर का इस्तेमाल नहीं किया। लेकिन जो लोग राम नाम का इस्तेमाल चुनाव में करते आए हैं, वे लोग राम लला की मंदिर बनाने के इच्छुक नहीं है। यदि उन्हें हमारी बातों पर आपत्ति है, तो उन्हें अध्यादेश लाकर कानून का रूप देना चाहिए। तभी मंदिर का निर्माण हो सकेगा।" शिवसेना ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि "90 के दशक में भारतीय जनता पार्टी जब सत्ता में पहुंची तो बहुमत नहीं होने की बात कर मंदिर निर्माण के मुद्दे को ठंढे बस्ते में डाल दिया। लेकिन अभी तो बहुमत केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकार में भी है।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को अदालत से सुलझ पाने की संभावना नजर नहीं आती। राम मंदिर के निर्माण के मुखर समर्थक शिवसेना के नेता ने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए समय सीमा 2019 होनी चाहिए।

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About हितेश कुमार
हितेश कुमार इंडिया-पॉलिटिक्स में बतौर फ्रीलांसर कार्यरत है। ये पौथु (बिहार) के रहने वाले है। हितेश पत्रकारिता में अभिरुचि होने के कारण विभिन्न विषयों पर अपने विचार लिखने की काबिलियत रखते है। इन्होने पत्रकारिता के क्षेत्र में एम.ए. की डिग्री प्राप्त कर, विभिन्न मीडिया हाउस में कार्य किया है। Email- hiteshkumarminku@gmail.com

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