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घटती लोकप्रियता के बाद शुरू हुआ इस्तीफे के दौर, भाजपा के कई नेताओं ने दिया इस्तीफा

Published on October 11 2018 01:03 pm  |  Author: हितेश कुमार

राजस्थान विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक गहमागहमी भी बढ़ता जा रही है। सभी दल आम लोगों के बीच अपना पैठ बनाने में जुटे हैं। सत्ताधारी दल के एंटी इनकंबेंसी के कारण भाजपा में नेताओं का इस्तीफे का दौर चल रहा है। राज्य में भाजपा की लोकप्रियता में कमी के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के तमाम पद और प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री उषा पुनिया ने सरकार पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का नाम लिए बिना हमला बोलते हुए उषा पुनिया ने कहा कि सरकार का काम मुख्यमंत्री कार्यालय से संचालित होता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की हो रही उपेक्षा के कारण पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव लोगों के पार्टी के प्रति असंतुष्टी का खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ेगा।

जयपुर प्रेस क्लब में मीडिया को संबोधित करते हुए उषा पूनिया ने कहा कि जाट समुदायों का पार्टी ने भरपूर इस्तेमाल किया है। लेकिन जाटों के उत्थान के लिए कुछ भी खास नहीं किया। जिससे कि उनका भी विकास हो सके। इस सरकार में सभी कार्य मुख्यमंत्री कार्यालय से संचालित किया जाता है। जहां कार्यकर्ताओं की कोई नहीं सुनता। इसके कारण आहत होकर पार्टी के सदस्यता से अपना इस्तीफा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भेजने की बात बताया है। इसी कड़ी में पार्टी के वरिष्ट नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री घनश्याम तिवारी और शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक मानवेंद्र सिंह के अलावा प्रतिभा सिंह ने भी पार्टी के खिलाफ खड़े होकर इस्तीफे का ऐलान कर चुके हैं।

विधान सभा चुनाव नजदीक होने के कारण पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे से पार्टी को कितना नुकसान होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के आकलन के हिसाब से राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है, कि वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे के कारण यह भी हो सकते हैं, कि व्यक्तिगत तौर पर अपनी छवि खराब न हो।

सरकार के एंटी इनकंबेंसी का लाभ लेकर चुनाव में जीत हासिल किया जा सके। फिलहाल चुनावी तैयारियों में जोर-शोर से जुटी तमाम राजनीतिक दलों द्वारा टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं को अपने क्षेत्र में पैठ बनाने को कहा गया है। पार्टी के आकलन के बाद जिसका क्षेत्र में ज्यादा प्रभाव होगा उसे आगामी चुनाव में टिकट सौंपा जाएगा।

उधर, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह हिमाचल प्रदेश के रायडू में नवरात्र के मौके पर पूजा अर्चना किया। रायडू के हाटकोटी प्रतिभा सिंह ने शिव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद वीरभद्र सिंह के नाम एक ध्वज भी चढ़ाया। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने भी नवरात्रि के पहले दिन रायडू के हाटकोठी पहुंचकर माथा टेका।

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About हितेश कुमार
हितेश कुमार इंडिया-पॉलिटिक्स में बतौर फ्रीलांसर कार्यरत है। ये पौथु (बिहार) के रहने वाले है। हितेश पत्रकारिता में अभिरुचि होने के कारण विभिन्न विषयों पर अपने विचार लिखने की काबिलियत रखते है। इन्होने पत्रकारिता के क्षेत्र में एम.ए. की डिग्री प्राप्त कर, विभिन्न मीडिया हाउस में कार्य किया है। Email- hiteshkumarminku@gmail.com

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