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OPINION: उत्तर भारतीयों पर चुनावी सियासत का कहर क्यों?

 Image Credit: PTI

Published on October 10 2018 01:36 pm  |  Author: अबुवहाब चौधरी

इस घटना में गलती, मैं बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सरकार की ही दूंगा, या फिर हमारी भारतीय सरकार की? जिन्होंने इन राज्यों का विकास नहीं किया, अगर विकास होता तो ये लोग अपने राज्य को छोड़कर रोजगार के अवसर तलाशने के लिए दुसरे राज्यों खासकर गुजरात और महाराष्ट्र में कतई न जाते। अगर इन राज्यों का विकास हुआ होता तो क्यों ये लोग मजबूर होते दुसरे राज्यों में जाने के लिए। ये बड़ा दु:खी करने वाला विषय है खासकर उत्तर प्रदेश पूर्वी और बिहार के लोगो के लिए, जब-जब राजनीतिक मंच सजने लगता है , तब-तब ये भयावह दृश्य देखने को मिलते है।

आखिर ये उन्हें हक किसने दिया?

देश की राजनीति इतनी भयावह हो चुकी है, कि ये गन्दी राजनीति अब धर्मो और जातिवाद पर पसर चुकी है। राजनीति की गद्दियो पर बैठे लोगो को क्यों इन भारतीयों का दर्द नहीं दिखता। आखिर ये भी उस हिंदुस्तान का हिस्सा है जिसके आप और हम। जब भारत के संविधान में कहीं जाने व रोजगार करने पर कोई पाबंदी नहीं तो फिर ये चंद गुंडे (गुंडे नहीं इनके लिए मेरे पास वो शब्द है जिसे मैं लिख नहीं सकता) क्यूँ अपने आपको राजनीति का नुमाइंदा बनाने के लिए इन मासूमो पर अत्याचार करते है। मेरा आग्रह है गुजरात सरकार से और हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी से कुछ करिए साहब। लोग आपके-अपने गुजरात से पलायन कर रहे है उन्हें रोकिये।

महाराष्ट्र में जब-जब चुनावी खिड़की खुलती है, तब-तब वहां भी कुछ राजनेता ऐसी ही तुच्छ ओछी, और घिनोनी राजनीति करते है। गुजरात में भी कुछ लोग इन्ही मुद्दों पर राजनीति की बेड़ियों से जकड़े हुए है, जो शायद ही कभी इनसे बहार निकले। जिसके अन्दर जितनी प्रतिभा है और जिस क्षेत्र में प्रतिभा है और जहाँ उसका मन है वह अपनी प्रतिभा वहीँ दिखायेगा इन चंद गुंडों को क्यों दर्द होता है? जब-जब ऐसी न्यूज़ देखने को मिलती है, तब-तब मन अन्दर से क्रोधित हो उठता है।

अपना घर बार, यार दोस्त, रिश्तेदार कोई नहीं छोड़ना चाहता बस 2 वक़्त का खाना इज्जत और मेहनत करके खाना चाहता है जिसकी आस में वह अपने पुरखो की दहलीज छोड़ देता है। इस बात से भी इन लोगो को तकलीफ होती है। हम आज कहते है उत्तर प्रदेश अब उत्तम प्रदेश होगा, बिहार में जंगल राज ख़त्म होकर आम राज होगा। क्या ये है वो उत्तम और आम राज? अपनी राजनीतिक रोटिया सकते हुए सब बोलते है चुनावी मजलिस में ये होगा वो होगा अब चुप क्यो?

दरअसल मामला ये था, की हिम्मत नगर (गुजरात में एक स्थान) में एक 14 माह की बच्ची के साथ 27 सितम्बर को दुष्कर्म किया गया या कोशिश की गयी उसका आरोपी बिहार का रहने वाला था। जिसे पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बस तब से वहां के रहने वालो और नेताओ को  जब ये पता चला उन्होंने वहां से उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वालो को बोला आप यहाँ से अपना बोरिया बिस्तरा बांधकर निकल जाओ 10 अक्टूबर से पहले वरना उसके बाद आपको जिन्दा नहीं छोड़ेंगे। बस लोग डर के मारे वहां से तुरंत भागने लगे। ये वहीं लोग है जो अब से 10, 20 साल पहले यहाँ अपना सब कुछ जमा चुके है। उन्हें ये छोड़कर भागना पड़ रहा है। क्या उस गंदे इन्सान और एक आदमी के गलत करने की सजा इन हजारो लाखो मासूम लोगो को मिलेगी, आखिर क्यो?

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Tags: #uttar pradesh    #bihar    #indian politics    #gujarat violence    #rahul gandhi    #vijay rupani   

About अबुवहाब चौधरी
अबुवहाब चौधरी मुम्बई के रहवासी और इंडिया-पॉलिटिक्स में बतौर फ्रीलांसर कार्यरत है। ये एक समाचार एवं फिल्म लेखक है। वहाब पत्रकारिता में किसी किस्म का पक्षपात नहीं करते एवं ताज़ा खबरों की तलाश में रहते है। Email- abuwahabchaudhary@gmail.com

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