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आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की फंडिंग से बनी मस्जिद और मदरसे होंगे जब्त : ईडी

Published on October 16 2018 05:10 pm  |  Author: अंकुर मिश्रा

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की मस्जिदों और मदरसों की फंडिंग के खुलासे के बाद सभी जांच एजेंसियां सतर्क हो गई है। फ़िलहाल अभी तो ये एनआइए के जाँच प्रक्रिया में ही है, परंतु जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत जांच शुरू कर सकता है। ईडी के जाँच शुरू होने के बाद जो-जो मस्जिद और मदरसे आतंकी फंडिंग से बने है, उनको जब्त किया जा सकता है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कि मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत ईडी को काली कमाई से बनाई गई किसी भी संपत्ति को जब्त करने का अधिकार है।

दरअसल देश की राजधानी में पिछले महीने एनआइए ने देश में चल रहे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी फंडिंग के माड्यूल को बेनकाब किया था, और आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया था।गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला था, कि आतंकी फंडिंग का यह जाल सिर्फ कश्मीर में आतंकियों को धन मुहैया कराने तक सीमित नहीं है। बल्कि लश्कर-ए-तैयबा मस्जिदों और मदरसों के माध्यम से देश के भीतर कट्टरता फैलाने की भी साजिश कर रहा है।

बता दें कि आतंकी फंडिंग के लिए गिरफ्तार मोहम्मद सलमान हरियाणा के पलवल जिले के एक गांव के मस्जिद का इमाम भी है, और आतंकी सलमान ने स्वीकार किया कि आतंकी फंडिंग का पैसा वो मस्जिद और मदरसों को बनवाने में लगता था। इसके बाद एनआइए ने मस्जिद की तलाशी भी ली थी, जहा उन्हें वह से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले।

एनआइए के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा सरगना और मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद फलाह-ए-इंसानियत के माध्यम से आतंकी फंडिंग कर रहा था। फलाह-ए-इंसानियत भी लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है, और संयुक्त राष्ट्र ने इसे आतंकी संगठन घोषित कर रखा है।

जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए दुबई में रहने वाले फलाह-ए-इंसानियत से जुड़े एक पाकिस्तानी का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग के लिए किया जाता था। यह पाकिस्तान एक और निजामुद्दीन में रहने वाला मोहम्मद सलमान को हवाला व अन्य माध्यम से लाखों रुपये भेजता और साथ ही वह पाकिस्तान स्थित फलाह-ए-इंसानियत के डिप्टी चीफ के साथ लगातार संपर्क में था।

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About अंकुर मिश्रा
अंकुर मिश्रा दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी में ग्रेजुएट है। अपनी पढाई के दौरान अंकुर विश्वविद्यालय की राजनीती में रहे है और वे भारतीय राजनीति में बेहद दिलचस्पी रखते है। इंडिया पॉलिटिक्स में अंकुर इनपुट डेस्क पर राइटर एवं रिपोर्टर का कार्य कर चुके है। अंकुर को पत्रकारिता के साथ-साथ कवि सम्मलेन एवं कविता पाठ का भी अनुभव है। Email- ankurlive01@gmail.com

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