Thursday, 18th April 2019 05:58 pm
Home  >  देश

लोकसभा और राज्यसभा में बैठने वाले 30% से ज्यादा सांसदों पर अपराधिक छवि का आरोप, BJP लिस्ट में सबसे ऊपर

 Image Credit: एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स

Published on September 27 2018 03:24 pm  |  Author: हितेश कुमार

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर में बैठने वाले 30% से ज्यादा सांसदों पर अपराधिक छवि का आरोप सामने आया है। इसमें ज्यादातर सांसद सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के हैं। आंकड़ों के मुताबिक लोकसभा और राज्यसभा के दोनों सदनों को मिला कर कुल 770 सांसदों में से 230 पर अपराधिक मुक़दमे दर्ज किए जा चुके हैं।

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के रिपोर्ट्स के मुताबिक लोकसभा में 179 और राज्यसभा में 51 सदस्यों पर अपराधिक मुकदमा चल रहा है। जिनमें से 114 लोकसभा और 20 राज्य सभा सदस्यों पर संगीन अपराध का प्राथमिकी दर्ज किए गए हैं। अर्थात 770 सदस्यों में से 134 सदस्यों, जो कुल का 17% है, पर संगीन अपराधों का मुकदमा देश के विभिन्न न्यायालयों में चल रहे हैं। इस आंकड़ों को यदि पार्टी वाइज के रूप में देखा जाए तो भाजपा का कांग्रेस की तुलना में 15% के मुकाबले 32 प्रतिशत अपराधिक छवि के सांसद हैं। इसके अलावा एआईएडीएमके 20%, आरजेडी 78%, समाजवादी पार्टी 21%, जनता दल यूनाइटेड 25% के साथ कुल मिलाकर देखा जाए तो 30% दागी सांसद देश के संसद में बैठकर देश का कानून बनाने का काम करते हैं।

दागी नेताओं के योग्यता के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में कहा गया है कि संसद द्वारा इस मुद्दे पर कानून बनाने का समय आ गया है। सर्वोच्च न्यायालय भले ही इन दागी सांसदों के योग्यता समाप्त करने से इंकार कर दिया है। लेकिन कोर्ट ने कहा है कि दागी सांसदों को राजनीति से बाहर रखने के लिए संसद द्वारा कानून बनाए जाने का देश इंतजार कर रहा है। अब सवाल यह उठता है कि इन दागी सांसदों के संसद में होते हुए क्या इनके खिलाफ कोई कानून बनाया जा सकता है? क्या दागी सांसदों की राजनीति से बाहर करने के कड़े फैसले पर सभी राजनीतिक दल एक मंच पर इकट्ठे हो पाएंगे?

दागी राजनेता से अभी तक कोई भी राजनीतिक दल नहीं बच पाई है। किसी में दागियों की संख्या कम है तो किसी में ज्यादा। लेकिन दागियों से देश के सभी राजनीतिक दल प्रभावित हैं। पार्टी के आला नेताओं पर भी अपराधिक छवि का आरोप लगाए जा चुके हैं।

दागी नेताओं को चुनाव से दूर रखने के लिए दायर की गई याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि सिर्फ आरोप तय हो जाने से चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगाया जा सकता है। इसके लिए संसद को कानून बनाना होगा। इस फैसले के बाद दागी राजनेताओं में बड़ी राहत देखी जा रही है। हालांकि कोर्ट ने कहा है कि जिन नेताओं पर न्यायालय द्वारा आरोप सिद्ध करते हुए सजा सुनाई गई है वे चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि राजनीति में अपराधीकरण का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इसके लिए संसद अपनी जिम्मेवारी तय करें। इससे संबंधित कानून बना कर राजनीति में हो रहे अपराधीकरण पर लगाम लगाया जा सकता है।

इस मामले पर फैसला सुनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा है कि सभी पार्टियों को अपने वेबसाइट और मीडिया के माध्यम से दागी नेताओं की सूची आम लोगों तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को सभी दागियों की सूची जानने का हक है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ए. एम. खानविलकर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एमपी एमएलए के वकालत की प्रैक्टिस करने पर रोक लगाने से भी इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल के नियमावली में ऐसे कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एमपी और एमएलए फुल टाइम एम्पलाई नहीं है। साथ ही साथ संसद के जिम्मेवारी का एहसास दिलाते हुए न्यायाधीश ने कहा है कि राजनीति का अपराधीकरण देश के लिए खतरनाक है। संसद अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए अपराधियों को राजनीति से दूर करने के लिए कठोर फैसला ले। जिससे देश में हो रहे राजनीतिक अपराधीकरण पर लगाम लगायी जा सके।

हम एक स्वतंत्र मीडिया हैं एवं मीडिया को निष्पक्ष रह कर रिपोर्टिंग करने एवं चलाने के लिए धन की जरूरत होती है। हमारी पत्रकारिता को किसी भी दबाव से मुक्त रखने के लिए कृपया आर्थिक मदद करे।

Donate Now     Donate via Paypal

Tags: #vidhan sabha chunav    #lok sabha chunav    #rajasthan    #bjp    #it cell   

About हितेश कुमार
हितेश कुमार इंडिया-पॉलिटिक्स में बतौर फ्रीलांसर कार्यरत है। ये पौथु (बिहार) के रहने वाले है। हितेश पत्रकारिता में अभिरुचि होने के कारण विभिन्न विषयों पर अपने विचार लिखने की काबिलियत रखते है। इन्होने पत्रकारिता के क्षेत्र में एम.ए. की डिग्री प्राप्त कर, विभिन्न मीडिया हाउस में कार्य किया है। Email- hiteshkumarminku@gmail.com

Related News

अब हिंदुत्व के सहारे चुनावी वैतरणी मे भाजपा, अयोध्या पीछे छूटा

लोकसभा चुनाव 2019 1 hour ago

उच्च न्यायलय ने इलाहाबाद विश्वविद्यालयको बताया अपराधियों का अड्डा, जारी किया नोटिस

प्रदेश 1 hour ago

हेमा ने मथुरा की कमियो को दूर करने का किया वादा, बोली चुनाव बाद सीखेंगी फसल काटना

लोकसभा चुनाव 2019 1 hour ago

पश्चिम बंगाल में आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज के बिच तीन सीटों पर मतदान जारी, जानें हाल

लोकसभा चुनाव 2019 3 hours ago
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.OK
×

Subscribe Our Newsletter