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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए संघ ने बदली चाल

 Image Credit: Wikimedia

Published on September 25 2018 05:38 pm  |  Author: हर्ष सोनी

चुनावी साल सामने है तो संघ ने भी अपनी चाल बदल ली है। हिदुत्व को लेकर अपनी हार्ड लाइन से इतर सर संघ चालक मोहन भागवत के सुर भी मुलायम हो चले हैं। आरक्षण, गोरक्षा जैसे तमाम मुद् दों पर चौतरफा आलोचना से घिरी भाजपा के लिए ढाल बनने की कवायद शुरू हो गई है। दिल्ली में हाल ही में हुआ सम्मेलन इसकी एक बानगी भर है। कवायद बताती है कि वह नरम रुख के जरिये सभी वगों को साधने की जुगत में जुट गए हैं।

यह सब यूं अचानक ही नहीं हो रहा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अपनी एक कार्यप्रणाली है। इसके कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर जनसंपर्क के जरिये हालात का जायजा लेने में ऊर्जा लगाते हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में जिस मोदी लहर पर सवार होकर भाजपा सत्ता की चाबी खोलने में कामयाब रही थी, उसमें इस बार कमी दिख रही है।

जीएसटी ने इसमें अहम भूमिका अदा की है। व्यापारी वर्ग, जो भाजपा की रीढ़ माना जाता है, वही खुद हालात से दुखी है। इसके बाद आरक्षण के मसले ने किरकिरी कराई और राफेल विवाद सामने है। सोशल मीडिया पर भी पिछले कुछ समय से मोदी बज की हवा निकली है। इन सभी चीजों से संघ वाकिफ है। यही वजह है कि हवा का रुख भांप सर संघ चालक ने अपनी बोली बदल ली है। अब यह तो लोकसभा चुनाव 2019 का रुख ही बताएगा कि उनकी इस बोली का वोटरों पर कितना असर हुआ।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने इस बीच तेजी से विस्तार किया है। बीते साल करीब 58 हजार शाखाओं के बाद इस साल उसकी शाखाओं की संख्या 60 हजार पर जा पहुंची हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी आरएसएस के नागपुर स्थित मुख्यालय में तैयार हुए ‘चुनावी’ नीति के तब्दीली भरे खाके को वह अपने 6000 प्रचारकों के जरिये आम जनमानस तक पहुंचाने में जुट गया है। बदलाव की शुरुआत सर संघ चालक मोहन भागवत की बोली से हुई है। जल्द ही प्रचारक इसे अपनी शाखाओं के जरिये आम लोगों के मस्‍तिष्क तक पहुंचाने की तैयारी में भी जुट गए हैं, जिसके लिए प्रशिक्षण उन्हें संघ की शुरुआती ‘कक्षाओं’ में मिलता ही है। विपक्ष के हमलों के जवाब के बतौर संघ की बोली में अभी और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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About हर्ष सोनी
हर्ष सोनी इंडिया पॉलिटिक्स के मुख्य संपादक है। अपनी पहली तकनीकी समाचार वेबसाइट स्थापित करने से पहले हर्ष ने फ्रीलांसर पत्रकार के रूप में कई समाचार प्रकाशनों के लिए आलेख लिखे। वे हमेशा ख़बरों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने का तरीका ढूंढते है। Email- info@india-politics.com

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