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ईवीएम की खरीद में घोटाला, आरटीआई से हुआ खुलासा

 Image Credit: File

Published on October 02 2018 02:10 pm  |  Author: अबुवहाब चौधरी

कुछ दिन पहले विपक्षी पार्टियां ईवीएम (एलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन) को लेकर हँगामा मचा रही थी। लेकिन एक आरटीआई ने यह खुलासा किया कि केन्द्रीय सरकार (कानून मंत्रालय) और भारतीय चुनाव आयोग कि संख्या (आँकड़े) में 15 लाख से ज्यादा का अंतर आ रहा है। हालाकि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के जवाब में एक महीने का अंतर था। 

कानून मंत्रालय ने अपने 1 नवम्बर 2017 की आरटीआई (RTI), जो सामाजिक कार्यकर्ता मनोरंजन रॉय ने दायर कि थी, का जवाब देते हुए कहा की, कुल 23,26,022 संख्या में ईवीएम खरीदी गई। जिसमें 13,95,306 बैलटिंग यूनिट्स यानि (बीयूएस) और 9,30,716 कंट्रोल यूनिट्सयानि (सीयूएस) थी। इसके एक महीने पश्चात ही 11 दिसंबर 2017 को चुनाव आयोग के आरटीआई जवाब में कहा गया की उसने पब्लिकसैक्टर के दो ईवीएम निर्माताओं से 38,82,386 ईवीएम खरीदी। जिसमे भारत इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीईएल), बेंगलुरू से 10,05,662 बीयूएस और 9,28,049 सीयूएस कुल मिलाकर 19,33,711 ईवीएम खरीदीं। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल), हैदराबाद से 10,14,664 बीयूएस और 9,34,031 सीयूएस यानी कुल 19,48,675 की संख्या में ईवीएम खरीदी गयी। 

दोनों कंपनी ने टोटल 38,83,386 EVM चुनाव आयोग को दी। जिसमे केंद्र सरकार और भारतीय चुनाव आयोग के आंकड़ो में 15,56,364 का अंतर है। अब इस बात से विपक्ष पूरी तरह से नाखुश है और केंद्र सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है। 

चुनाव आयोग ने अगस्त 2016 बीईएल और ईसीआईएल दोनों को ईवीएम मुहैया करने का ठेका दिया था। जोकुल 10,95,000 ईवीएम थी, जिसमे 5,50,000 बीयूएस और 5,45,000 सीयूएस शामिल थी। मनोरंजन ने बताया कि मुझे आश्चर्य है के स्टॉक में भारी संख्या में EVM होने के बावजूद चुनाव आयोग ने VVPAT मशीनों के प्रयोग की बात कही। आपको बता दें चुनाव आयोग ने पिछले सप्ताह 25 सितंबर को एक बयान जारी कर कहा की देश भर में आने वाले लोकसभा चुनावों के दौरान 100 फीसदी VVPAT का इस्तेमाल किया जाएगा। अब इस बात को स्पष्ट करना चाहिए की माजरा क्या है? क्या ये घोटाला है या फिर कोई गलती? 

VVPAT क्या है? 

VVPAT (वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रायल) यानि वोटिंग के मतो की गिनती के साथ ये एक पुख्ता सबूत होता है। बीबीसी के अनुसार, वोटर वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी व्यवस्था के तहत वोटर डालने के तुरंत बाद काग़ज़ की एक पर्ची बनती है। इस पर जिस उम्मीदवार को वोट दिया गया है, उनका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है। VVPAT को लेकर चुनाव आयोग ने कहा के उसने आने वाले चुनावो के लिए 17 लाख से जादा नयी मशिनो का ऑर्डर दिया है जिससे 100 प्रतिशत वीवीपीएटी हासिल हो।

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Tags: #evm    #rti    #evm scam    #bjp   

About अबुवहाब चौधरी
अबुवहाब चौधरी मुम्बई के रहवासी और इंडिया-पॉलिटिक्स में बतौर फ्रीलांसर कार्यरत है। ये एक समाचार एवं फिल्म लेखक है। वहाब पत्रकारिता में किसी किस्म का पक्षपात नहीं करते एवं ताज़ा खबरों की तलाश में रहते है। Email- abuwahabchaudhary@gmail.com

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