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चंद्रबाबू नायडू भी मोदी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने मैदान में उतरे

Published on October 15 2018 04:17 pm  |  Author: अबुवहाब चौधरी

सत्ताधारी पार्टी यानि बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष को एकजुट करने में जुटी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री “ममता बनर्जी” की कोशिशो के बाद अब आंध्रा प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी विपक्ष को एकत्र करने में लग गए है। खबर है कि TDP (तेलगु देसम पार्टी) चीफ चंद्रबाबू नायडू मोदी सरकार को सत्ता से बहार करने के लिए कांग्रेस व् अन्य पार्टी को विपक्ष के तौर पर एक साथ करने में लग चुके है।

सूत्रों से पता चला है, कि कांग्रेस पार्टी से नाराज़ चल रही मायावती को भी विपक्ष के साथ जोड़ने में चंद्रबाबू नायडू लगे हुए है। हालाकि विपक्ष के साथ जुड़ने और विपक्ष के तौर पर एकदम सामने आने में चन्द्रबाबु थोडा लेट ज़रूर हुए पर विपक्ष का हाथ थाम ज़रूर लिया है। अभी मार्च में ही स्पेशल स्टेट्स मसले को लेकर आंध्रप्रदेश से धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए चंद्रबाबू ने NDA (National Democratic Alliance) से अपना हाथ वापिस खींच लिया था। उनके करीबी सूत्रों का कहना है, कि TDP प्रमुख विपक्ष को एकजुट करने में इस क़दर लगे है, कि चंद्रबाबू ओवर टाइम कार्य कर रहे है।

राजनीति को करीब से जानने वाले नायडू के बारे में कहा जा रहा है, कि वह किंग नहीं किंगमेकर की भूमिका निभाते नज़र आ रहे है। मतलब यह है कि उन्होंने विपक्षी दल का नेत्रत्व करने के बजाय खुद किंगमेकर बनने का फैसला किया है। सभी को मालूम है, कि आंध्रप्रदेश व तेलंगाना के विभाजन के पश्चात् लोकसभा सीटे दोनों राज्यों में बट चुकी है, इसलिए विपक्षी दल के नेत्रत्व के लिए पर्याप्त सीटे नहीं रहेगी।

2014 में नायडू ने कांग्रेस को राज्य बटवारे का दोषी ठहराया था लेकिन अब उस ही कांग्रेस के साथ गठबंधन करने का फैसला किया है। चंद्रबाबू नायडू ने (राजनीतिक बाध्यता) बताते हुए अपने ही राज्य से अलग हुए पडोसी राज्य तेलंगाना में यह पेंतरा अपनाया। पहले उन्होंने तेलंगाना की छोटी पार्टी तेलंगाना जन समिति व सीपीआई को एक साथ लिया और फिर तेलंगाना की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को कहा, कि 7 दिसम्बर को होने वाले तेलंगाना विधान सभा चुनाव में हमारे साथ मिलकर यानि विपक्ष एकजुट होकर “के. चंद्रशेखर राव” को हराने में हमारे साथ आये।

सूत्रों का कहना है, कि लोकसभा चुनाव 2019 में भी यहीं फार्मूला अपनाने की कोशिश है। वहीं कर्नाटक में जेडीएस व कांग्रेस के एकजुट होने के बाद नायडू वहां भी कुमार स्वामी की शपथ ग्रहण में मौजूद थे। नायडू ने ममता बेनर्जी, दिल्ली के सीएम केजरीवाल, डीएमके चीफ स्टॅलिन को भी अपने साथ जोड़ लिया है। वहीं बिहार की पार्टी RJD, RLD (अजीत सिंह), NCP (जम्मू) व अन्य पार्टियों को साथ जोड़ने की कोशिशो में लगे हुए है। चन्द्र बाबू कांग्रेस से खफा मायावती, अखिलेश यादव, शिवसेना व अन्य प्रमुख पार्टियों से संपर्क साध रहे है। उन्होंने कहा था कि TDP व कांग्रेस की बहुत सी चीज़े एक जैसी है। वह चाहे डेवलपमेंट, धर्मनिरपेक्ष या इकोनोमी सुधार हो, दोनों पार्टी में कोई ज्यादा फर्क नहीं है।

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About अबुवहाब चौधरी
अबुवहाब चौधरी मुम्बई के रहवासी और इंडिया-पॉलिटिक्स में बतौर फ्रीलांसर कार्यरत है। ये एक समाचार एवं फिल्म लेखक है। वहाब पत्रकारिता में किसी किस्म का पक्षपात नहीं करते एवं ताज़ा खबरों की तलाश में रहते है। Email- abuwahabchaudhary@gmail.com

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