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मूर्ति विसर्जन के दौरान उपद्रवियों ने एक युवक को जिंदा जलाया, अब तक कोई एफआईआर नहीं

Published on November 10 2018 11:06 pm  |  Author: हितेश कुमार

बिहार में पिछले कुछ महीनों में सांप्रदायिक तनाव की कई घटनाएं सामने आ चुकी है। सांप्रदायिक घटनाओं में कई लोगों की हत्या और दर्जनों लोग घायल होने की भी रिपोर्ट दर्ज किए गए थे। इसी क्रम में सीतामढ़ी जिले में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई घटना ने एक वृद्ध की जान ले ली। बताया जा रहा है, कि दुर्गा पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन को ले जा रहे लोगों पर पत्थरबाजी किए जाने से प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने के बाद भड़की हिंसा के कारण इलाके में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को भी अंजाम दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भड़की हिंसा ने तुरंत दंगे का रूप ले लिया।

घटना 20 अक्टूबर की है। 82 वर्षीय जुनैल अंसारी अपनी बहन से मिलने शहर से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित उसके घर जा रहे थे। तभी बीच रास्ते में दंगाइयों ने जुनैल अंसारी को जिंदा जला दिया। कुछ घंटे के बाद जुनैल अंसारी का जला हुआ शव बरामद हुआ। घर से बहन से मिलने साइकिल से निकले जुनैल अंसारी को आसपास के लोगों ने स्थिति को भांपते हुए जाने से रोका था। लेकिन जुनैल अंसारी ने कहा कि बुजुर्गों को कौन क्या करेगा, यह कहते हुए वह निकल गए। जिसके कुछ घण्टों बाद उनका जला हुआ शव बरामद हुआ। जुनैल अंसारी के मौत के कुछ ही दिनों के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें आग की लपटों में एक व्यक्ति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। 

जुनैल अंसारी के छोटे बेटे मोहम्मद अशरफ ने जब यह वीडियो दिल्ली में देखा, तो आनन-फानन में घर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों को यह वीडियो दिखाया गया लेकिन पुलिस इस वीडियो की पुष्टि करने से इंकार कर दिया। उन्होंने एसपी और कलेक्टर से पिता के कुछ पहचान इस वीडियो में होने की बात कही, लेकिन बेटे के दर्द को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी नहीं समझ सकें। जब मामला तूल पकड़ा तो वीडियो की जांच की बात कही गई। 

लेकिन जुनैल अंसारी की हुई हत्या की प्राथमिकी अब तक दर्ज नहीं जा सकी है। इस मामले में सीतामढ़ी जिले के पुलिस अधीक्षक विकास वर्मन बताते हैं कि दंगे से जुड़े छह एफआईआर दर्ज किए गए हैं। इन्हीं एफआईआर में हत्या की धारा भी लगा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस संबंध में अलग से जुनैल अंसारी की हत्या से जुड़ी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है। उन्होंने बताया कि दंगे के मामले में 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सवाल यह है कि दंगाइयों ने 82 वर्षीय वृद्ध की हत्या कर दी और हत्या की प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गई और न ही इस मामले में दंगाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी। ताजूब पोस्टमार्टम के रिपोर्ट से भी होता है। जिसमें बताया गया है कि आग लगने की वजह से हुए जख्म को देखकर भयभीत होने की वजह से जुनैल अंसारी की मौत हो गई। हद तो तब हो गई जब 82 वर्षीय वृद्ध जुनैल अंसारी को डॉक्टरों ने 35 वर्षीय युवक करार दिया है। परिजनों द्वारा इसे सुधार करने की आग्रह भी डॉक्टरों से किया गया है।

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Tags: #junail Ansari    #Sitamani    #Bihar   

About हितेश कुमार
हितेश कुमार इंडिया-पॉलिटिक्स में बतौर फ्रीलांसर कार्यरत है। ये पौथु (बिहार) के रहने वाले है। हितेश पत्रकारिता में अभिरुचि होने के कारण विभिन्न विषयों पर अपने विचार लिखने की काबिलियत रखते है। इन्होने पत्रकारिता के क्षेत्र में एम.ए. की डिग्री प्राप्त कर, विभिन्न मीडिया हाउस में कार्य किया है। Email- hiteshkumarminku@gmail.com

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