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बिहार में दिवालिया होने की कगार पर कांग्रेस, ब्याज के ऊपर निर्भर

Published on October 06 2018 08:09 pm  |  Author: अबुवहाब चौधरी

कांग्रेस पार्टी का नाम सुना, और फिर ये बात सुनते ही कांग्रेस में धन की कमी। ये बात तो असमंजस में डालती है। क्या सच में बिहार कांग्रेस में धन की कमी है? बताया जा रहा है कि कांग्रेस का मासिक खर्च 4 लाख रूपये है, लेकिन आमदनी बस 55-60 हज़ार रुपए ही है। बिहार में 27 कांग्रेस MLA है, जो पहले के मुताबिक 7 गुना ज्यादा है। ये तो कांग्रेस को अपने पार्टी ऑफिस का किराया नहीं देना पड़ता वरना सुनने में आया है कि कांग्रेस की हालत इतनी लाचार है। अगर ये कोई प्राइवेट कंपनी होती तो अबतक कोर्ट इसे दिवालिया घोषित कर चूका होता।

वैसे भी कमी को पूरा करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष के मूल कार्यो में सम्मिलित है। कांग्रेस की बिहार में सरकार 1990 में रही थी, फिर उसके बाद से  सरकार कभी बिहार में नहीं बनी। अगर बनी है तो वह (आरजेडी) और (जदयू) के साथ सत्ता में हिस्सेदार थी। तब तक भी पार्टी में कुछ हद तक किसी भी चीज़ की कमी न थी, क्योकि केंद्र मे भी कांग्रेस की सरकार थी तो कुछ न कुछ सपोर्ट मिलता रहता था। हलाकि वह सपोर्ट भी बीजेपी के केंद्र में आने से 2014 में ख़त्म हो गया।

बताया जा रहा है कि अगर बिहार में कांग्रेस की आय का साधन इस वक़्त कुछ है तो वो है पार्टी की सदस्यता का शुल्क। अशोक चोधरी के अध्यक्ष काल में पार्टी के 16 लाख सदस्य बने थे, जिसकी आमदनी 80 लाख रूपये हुई थी। जिसमे से 5 लाख खुदरा खर्च हुआ वहीँ 75 लाख बैंक में जमा करा दिया था जिसका ब्याज अब 55-60 हजार रूपये महिना आता है, उससे ही पार्टी का खर्चा चल रहा है। यह आय महबूब अली कैसर के समय पर 66 लाख रूपये थी और आदमी भी 21 लाख जुड़े थे। लेकिन जब पार्टी की सदस्यता का शुल्क केवल 3 रुपये था अब 5 रूपये है इस वजह से आमदनी बढ़ी थी। खर्च की बात करे तो सबसे ज्यादा खर्च वेतन मद में होता है 3 लाख रूपये जो सदाकत आश्रम है उसकी देखरेख और अन्य कर्मचारी और फिर बिजली बिल, टेलीफोन बिल, वाहन के इंधन का खर्च इत्यादि।

राज्य कांग्रेस के पास काफी अचल सम्पति है लेकिन इसका कोई व्यावसायिक प्रयोग नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर मदन मोहन झा कहते है कि, हम इसका हल निकाल रहे है जनसहयोग से इसका सुधर ज़रूर होगा और हम आय के अन्य साधनों की खोज भी कर रहे है।

मौटे तौर पर सीधा सा जवाब है, जब पार्टी सत्ता में होती है तो पार्टी को बिजनेसमैंन फण्ड देते रहते है। लेकिन कांग्रेस तो सत्ता से काफी दूर है पार्टी को फण्ड नहीं मिल रहा है क्योकि हर कोई अपने फायदे के हिसाब से ही पार्टी को फण्ड देता है। इसलिए कांग्रेस की हालत लचर है।

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Tags: #bihar    #congress    #bihar congress   

About अबुवहाब चौधरी
अबुवहाब चौधरी मुम्बई के रहवासी और इंडिया-पॉलिटिक्स में बतौर फ्रीलांसर कार्यरत है। ये एक समाचार एवं फिल्म लेखक है। वहाब पत्रकारिता में किसी किस्म का पक्षपात नहीं करते एवं ताज़ा खबरों की तलाश में रहते है। Email- abuwahabchaudhary@gmail.com

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